LIVE UPDATE

GAURELA PENDRA MARWAHI: मुख्यमंत्री की अनुशंसा दरकिनार? डीएमएफ मद में मनमानी स्वीकृतियों के आरोप, जनप्रतिनिधियों में नाराजगी

कमीशनखोरी और मिलीभगत के आरोप

मरवाही। जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद के कार्यों को लेकर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। पंचायत जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने डीएमएफ मद के अंतर्गत कार्य स्वीकृति प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी तथा कथित अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि लंबे समय तक पोर्टल बंद होने का हवाला देकर जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों को लंबित रखा गया, जबकि बाद में अचानक चुनिंदा कार्यों को स्वीकृति दे दी गई।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जब भी वे डीएमएफ मद से विकास कार्यों की मांग लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, तब संबंधित शाखा द्वारा पोर्टल बंद होने और तकनीकी कारणों का हवाला देकर उन्हें वापस भेज दिया गया। लेकिन अप्रैल माह के दौरान बिना किसी व्यापक सूचना और बिना सार्वजनिक प्रक्रिया के कई कार्यों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई, जिससे सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर कार्य चयन का आधार क्या था।

ये खबर भी पढ़ें…
बड़ा खुलासा: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में आदिवासी विकास विभाग की खरीदी में ‘महाघोटाला’? जेम पोर्टल की आड़ में ₹40,000 का कंप्यूटर ₹1.14 लाख में खरीदा!
बड़ा खुलासा: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में आदिवासी विकास विभाग की खरीदी में ‘महाघोटाला’? जेम पोर्टल की आड़ में ₹40,000 का कंप्यूटर ₹1.14 लाख में खरीदा!
July 8, 2026
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM)। छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य जिले गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) से सरकारी धन के बंदरबांट का एक बेहद चौंकाने वाला मामला...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मुख्यमंत्री कार्यालय की अनुशंसा को लेकर भी उठे सवाल

मामले में सबसे गंभीर आरोप मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से भेजी गई अनुशंसाओं की अनदेखी को लेकर लगाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या विष्णु देव साय के मरवाही प्रवास के दौरान क्षेत्र के विकास, पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी कई मांगें आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों द्वारा रखी गई थीं। इन मांगों को मुख्यमंत्री निवास से अनुशंसित कर जिला प्रशासन को भेजा गया था।

ये खबर भी पढ़ें…
कटघोरा थाना प्रभारी एम बी पटेल उतरे सडक पर पुलिस का पैदल मार्च, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा; यातायात नियम तोड़ने वालों पर हुई कार्रवाई
कटघोरा थाना प्रभारी एम बी पटेल उतरे सडक पर पुलिस का पैदल मार्च, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा; यातायात नियम तोड़ने वालों पर हुई कार्रवाई
July 9, 2026
कोरबा/कटघोरा, 9 जुलाई 2026: जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर कटघोरा पुलिस ने गुरुवार शाम नगर की सुरक्षा...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

आरोप है कि पर्यटन महत्व वाले अमेरटिकरा और मनौरा जैसे क्षेत्रों के विकास संबंधी प्रस्तावों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जबकि अन्य कार्यों को प्राथमिकता देकर स्वीकृति प्रदान कर दी गई। इससे स्थानीय स्तर पर असंतोष बढ़ता जा रहा है।

कमीशनखोरी और मिलीभगत के आरोप

ये खबर भी पढ़ें…
डायल-112 की तत्परता: आधी रात को सर्पदंश पीड़िता को अस्पताल पहुंचाकर बचाई जान
डायल-112 की तत्परता: आधी रात को सर्पदंश पीड़िता को अस्पताल पहुंचाकर बचाई जान
July 10, 2026
डॉयल-112 की त्वरित सहायता से सर्पदंश पीड़िता महिला की बचाई जान रात्रि 00:59बजे सूचना मिलते ही डॉयल-112 टीम ने दिखाई...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि डीएमएफ मद के कार्यों में कथित कमीशनखोरी और मनमानी का खेल चल रहा है। उनका दावा है कि जिन कार्यों में प्रभावशाली लोगों की रुचि थी, उन्हें प्राथमिकता मिली, जबकि वास्तविक जरूरत वाले गांवों की मांगों को नजरअंदाज कर दिया गया।

मामले में संबंधित शाखा प्रभारी और कर्मचारियों पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि शिकायतों और स्पष्टीकरण के लिए कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

आदिवासी अंचल के विकास पर असर

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां डीएमएफ निधि का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि कार्य स्वीकृति प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रही और जनहित की अनुशंसाओं की अनदेखी होती रही, तो क्षेत्र के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

मुख्यमंत्री से शिकायत की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, संबंधित पंचायतों के जनप्रतिनिधि जल्द ही मुख्यमंत्री के समक्ष पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि डीएमएफ निधि के उपयोग, कार्य स्वीकृति प्रक्रिया और कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

(नोट: समाचार में लगाए गए आरोप संबंधित पक्षों के दावों पर आधारित हैं। प्रशासन और संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

A Pranav

professional journalist

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *